राजकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र गूजरताल से सटे 80.80 हेक्टेयर में विस्तृत जल क्षेत्र है। इसे पर्यटन स्थल बनाए जाने की लोग वर्षों से मांग करते चले आ रहे हैं। मत्स्य बीज प्रक्षेत्र की मिनी हैचरी वर्ष 2006 में बंद होने से पहले दूर दूर से लोग गूजरताल पर मनोरंजन के लिए आया करते थे हैचरी बंद हो जाने के बाद धीरे लोगों का यहां आना कम होने लगा। ठंड के मौसम में इस जलक्षेत्र में साइबेरियन पक्षियां आया करती थी। लेकिन अवैध रूप से विदेशी पक्षियों का शिकार किए जाने से अब विदेशी पक्षियों का भी आना बंद हो गया। लोग
गूजरताल को पर्यटन स्थल बनाए जाने की मांग उठाते रहे।|
गूजरताल को पर्यटन स्थल बनाए जाने की मांग उठाते रहे।|
इस बीच निदेशक मनरेगा ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से अपर आयुक्त ग्राम विकास लखनऊ को निर्देश में कहा गया है कि विकास खण्ड शाहगंज और खुटहन में स्थित गूजरताल को जैव पर्यावरणीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।| इसके लिए विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। इसकी जानकारी देते हुए मुख कार्यकारी अधिकारी शाहिद जमाल ने बताया कि प्राक्कलन के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड जौनपुर के अधिशासी अभियंता को नोडल नामित किया गया है।|

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें